रजिया सुल्तान का शासक के रूप में मूल्यांकन – ExamPaper

रजिया सुल्ताना (1236-40 ई०) इल्तुतमिश ने अपनी मृत्यु के पूर्व अपनी पुत्री रजिया को अपना उत्तराधिकारी माना क्योंकि रजिया उसके सभी पुत्रों से श्रेष्ठ थी। उसने रजिया को सैन्य और राजनीति का प्रशिक्षण दिया था। ग्वालियर आक्रमण के समय इल्तुतमिश ने रजिया को दिल्ली का प्रशासन सौंप कर उसकी परीक्षा ली थी और रजिया ने … Read more

बलबन के प्रारम्भिक जीवन, राज्यारोहण तथा दिल्ली सल्तनत को दृढ़ करने के उपायों का वर्णन – ExamPaper

प्रारम्भिक जीवन बलबन का वास्तविक नाम बहाउद्दीन था। डॉ. आशीर्वादी लाल श्रीवास्तव ने उसके बारे में लिखा है कि “इल्तुतमिश की भाँति वह भी इल्बारी तुर्क था और उसका पिता 10,000 परिवारों का खान था। किशोरावस्था में उसे मंगोल पकड़कर ले गए और गजनी ले जाकर उन्होंने उसे बसरा के ख्वाजा जमालुद्दीन नामक व्यक्ति को … Read more

इल्तुतमिस की प्रारंभिक कठिनायों का वर्णन – ExamPaper

शम्स-उद-दीन इल्तुतमिश (1211-1236 ई०) प्रारम्भिक जीवन – शम्सददीन इल्तुतमिश इल्बरी कबीले का तुर्क था। उसका पिता कबीले का सरदार था और इल्तुतमिश को बहुत चाहता था, अतः ईर्ष्यावश उसके भाइयों ने उसे गुलामों के व्यापारी को बेच दिया। कई स्वामी बदलने के बाद वह ऐबक द्वारा खरीदा गया। वह सुन्दर, शिक्षित, साहसी व वीर सैनिक … Read more

भारत में तुर्की शासन की स्थापना में ऐबक का योगदान – ExamPaper

कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210 ई०) कुतुबुद्दीन को बाल्यावस्था में ही निशापुर के काजी ने खरीद लिया और दास बना लिया था । यहाँ उसने उसके पुत्रों के साथ सैन्य शिक्षा ली। काजी की मृत्यु के बाद उसके पुत्रों ने उसे गजनी के मुहम्मद गोरी को बेच दिया। ऐबक ने अपनी वीरता, स्वामिभक्ति एवं कर्त्तव्यनिष्ठा से शीघ्र … Read more